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इंदौर में ‘रंग दे बसंती’: द पार्क इंदौर में चल रहा पंजाब के असली स्वाद का 10 दिवसीय फूड फेस्टिवल
इंदौर, 9 जनवरी, 2026। सर्दियों के मौसम में इंदौर एक बार फिर अलग तरह के स्वाद और रंगों से भरने जा रहा है। शहर के प्रीमियम होटल द पार्क इंदौर के ऑल-डे डाइनिंग आउटलेट एपिसेंटर में 9 जनवरी से 18 जनवरी तक ‘रंग दे बसंती’ नामक 10-दिन का एक्सक्लूसिव पंजाबी फूड फेस्टिवल शुरू हो रहा है। आयोजन में अनडिवाइडेड पंजाब की पारंपरिक रेसिपीज़, घरों में बनी देसी डिशेज़ और लोकविरासत का वह स्वाद परोसा जाएगा जो आमतौर पर रेस्त्रां मेन्यू में देखने को नहीं मिलता।
खास बात यह है कि फेस्टिवल का पूरा मेन्यू चेफ संतोष यादव द्वारा क्यूरेटेड है, जिन्हें भारतीय क्षेत्रीय व्यंजनों पर मजबूत पकड़ के लिए जाना जाता है। आयोजन टीम के अनुसार, इस बार पंजाब की रसोई को सिर्फ मक्खन-घी और तीखेपन तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि उन पकवानों को भी सामने लाया गया है जिनकी जड़ें गांवों और छोटे कस्बों की रसोई में मिली हैं।
मेन्यु के बारे में ज्यादा जानकारी देते हुए श्री संतोष यादव ने बताया कि, “फेस्टिवल में सरसों-मक्के से लेकर देसी दाल-तड़के, अमृतसरी व्यंजनों, ताज़ी तंदूरी रोटियों, चावल-कड़ी कोम्बिनेशन्स और भरपूर चटकारों के साथ डेज़र्ट तक की लंबी श्रृंखला देखने को मिलेगी। सर्दियों का मौसम होने के कारण सरसों का साग, मक्के की रोटी, छोले-भटूरे, अमृतसरी कुलचा, राजमा-चावल, पनीर आधारित व्यंजन और देसी मिठाइयों को खास आकर्षण माना जा रहा है। आयोजकों के अनुसार, भोजन को परंपरागत पूर्णता में परोसने पर जोर दिया गया है, यानी स्वाद के साथ-साथ उसकी प्रस्तुति और भोजन शैली भी पंजाब की संस्कृति से मेल खाएगी।”
द पार्क इंदौर के एफ एंड बी डायरेक्टर श्री सुदीप कांजीलाल ने कहा, “इंदौर एक ऐसा शहर है जो स्वाद को सिर्फ भोजन नहीं, बल्कि एक अनुभव के रूप में देखता है। ‘रंग दे बसंती’ के माध्यम से हम पंजाब की छुपी हुई पाक परंपराओं और घरों की रसोई से जुड़ी उन डिशेज़ को सामने ला रहे हैं जिनका असली स्वाद अभी भी लोगों तक कम पहुँच पाता है। हमारा प्रयास है कि मेहमानों को सिर्फ खाना नहीं, बल्कि संस्कृति, मौसम और स्मृतियों के साथ परोसा गया अनुभव मिले। इवेंट में रोजाना शाम 7:30 बजे से डिनर सर्व होगा। यह फूड फेस्टिवल सिर्फ भोजन का आयोजन नहीं, बल्कि पंजाब की मिट्टी, संगीत, रंगों और रिवायतों का सामूहिक अनुभव है। इसी वजह से वैन्यू की सजावट भी पंजाबी लोक संस्कृति की थीम पर तैयार की गई है।”
दस दिवसीय फूड फेस्टिवल में हर दिन शाकाहारी और मांसाहारी व्यंजनों का खास संयोजन प्रस्तुत किया जाएगा। पहले दिन के मेन कोर्स में दाल मखनी, कढ़ाही पनीर, शाही कोफ्ता, आलू गोभी अदरकी, वेज बिरयानी के साथ नॉन-वेज़ में गोश्त बेलीराम, बटर चिकन और टमाटर फिश करी जैसे क्लासिक स्वाद पेश किए जाएंगे । दूसरे दिन मेन कोर्स में देसी ढाबा फ्लेवर प्रमुख हैं, जिनमें ढाबा दाल तड़का, रहरा पनीर, आम पापड़ के कोफ्ते, वाड़ी पुलाव और नॉन-वेज़ में मटन कुन्ना, चिकन चंगेज़ी व रारा मुरघ शामिल हैं। तीसरे दिन मेन कोर्स में खास और रिच ग्रेवी व्यंजन परोसे जाएंगे, जैसे पनीर लबाबदार, मलाई कोफ्ता, सोया चाप मसाला, जबकि नॉन-वेज़ में ढाबा गोश्त, नरगिसी कोफ्ता करी और तवा मच्छी दिन की खास पहचान रहेंगे। इसके अलावा लाइव काउंटर पर सरसों का साग–मक्की की रोटी, पराठे, कुलचे और देसी चाट का स्वाद मिलेगा और मिठाइयों में फिरनी, खीर, कराची हलवा, कुल्फी फालूदा और मौसमी गजक-रेवड़ी के साथ यह फेस्टिवल उत्तर भारतीय खानपान की समृद्ध विरासत का उत्सव परोसेगा।


